हो जाए सावधान, अगर आप भी लेते हैं एनर्जी ड्रिंक तो ये खबर पढ़ें

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नई दिल्लीः थोड़ी-थोड़ी देर में एनर्जी ड्रिंक लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हृदय की लय बाधित हो सकती है. एक शोध में यह बात सामने आई है.

क्या कहता है शोध-
एनर्जी ड्रिंक में कैफीन, टॉरिन और अन्य उत्तेजक पदार्थो के उच्च स्तर होते हैं और इनके दुष्प्रभावों को लेकर हमेशा बहस होती रही है. ये पेय ब्लड प्रेशर (बीपी) बढ़ाते हैं और इससे दिल के दौरे खतरा बना रह सकता है. इसके अलावा जानलेवा एरिदमिया या असामान्य हृदय लय रोग हो सकता है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट-
हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया (एचसीएफआई) के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ.के.के. अग्रवाल का कहना है कि दो से अधिक एनर्जी ड्रिंक लेने से दिल को नुकसान पहुंच सकता है और यह एरिदमिया या असामान्य हृदय-लय जैसी स्थितियों का कारण बन सकता है. इस स्थिति में दिल धड़कने की दर या तो बहुत तेज या बहुत धीमी हो जाती है.

एनर्जी ड्रिंक के नुकसान-
एनर्जी ड्रिंक शरीर के विभिन्न महत्वपूर्ण अंगों को रक्त की पर्याप्त आपूर्ति में बाधा उत्पन्न कर सकता है. एरिदमिया आमतौर पर एक बीमार हृदय में होता है और अक्सर छुपा हुआ रह सकता है. इस स्थिति का पता बाद में लगे, इससे अच्छा है कि समय पर चेकअप करा लिया जाए, वरना यह जीवन के लिए घातक हो सकता है.

डॉ. अग्रवाल इस संबंध में सुझाव देते हैं कहते हैं कि-

लो ब्लड प्रेशर, लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल) बैड कोलेस्ट्रॉल, फास्ट शुगर, हार्ट रेट और पेट के निचले हिस्से को 80 से नीचे रखें.

किडनी और फेफड़े के कार्य 80 प्रतिशत से ऊपर रखें.

शारीरिक गतिविधि (न्यूनतम 80 मिनट प्रति सप्ताह जोरदार व्यायाम) में व्यस्त रहें. प्रतिदिन 80 मिनट पैदल चलें, कम से कम 80 कदम प्रति मिनट की गति से 80 मिनट प्रति सप्ताह पैदल चलें.

कम खाएं और प्रत्येक भोजन में कम 80 ग्राम या एमएल कैलोरी लें.

निर्धारित होने पर रोकथाम के लिए 80 मिलीग्राम एटोरवास्टेटिन लें, शोर का स्तर 80 डीबी से कम रखें.

पार्टिकुलेट मैटर पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर को 80 एमसीजी प्रति क्यूबिक मीटर से नीचे रखें.

दिल की कंडीशनिंग वाले व्यायाम करते समय लक्ष्य हृदय गति 80 प्रतिशत रखें.