वायुसेना दिवस : भारतीय एयरफोर्स ने दिखाई ताकत, उड़े जगुआर-सुखोई जैसे फाइटर

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नई दिल्ली : वायुसेना का 86वां स्थापना दिवस सोमवार को गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर मनाया गया। परेड की शुरुआत में आकाशगंगा टीम के पैराजंपर्स ने एयरबेस पर 8000 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाई। इसके बाद एयरफोर्स के जवानों ने परेड में अनुशासन और कई हैरतअंगेज करतब भी दिखाए।

लड़ाकू विमानों के एयर शो में मिग-29, जगुआर, मिराज और सुखोई समेत कई एयरक्राफ्ट शामिल हुए। सूर्य किरण और सारंग टीम ने प्रदर्शन किया। सचिन तेंडुलकर लगातार तीसरे साल परेड देखने के लिए पहुंचे। वायुसेना ने उन्हें ग्रुप कैप्टन रैंक दी है।

पैराजंपिंग से हुई परेड की शुरुआत

परेड की शुरुआत आकाशगंगा टीम के पैराजंपर्स की जांबाजी से हुई। टीम ने AN-32 प्लेन से आठ हजार फीट की ऊंचाई के छलांग लगाई और तिरंगे के रंग में रंगे पैराशूट से एयरबेस पर उतरे। पैराजंपर्स का साहस देखकर हिंडन एयरबेस तालियों से गूंज उठा।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति कोविंद ने दी शुभकामनाएं

यहां परेड के बाद विंटेज ट्रेनर एयरक्राफ्ट टाइगर मोथ, जगुआर, मिग-29, मिराज, सुखोई, सारंग और सूर्य किरण टीम ने एयर शो में हिस्सा लिया। इससे पहले एयर वॉरियर टीम ने तेज धार चाकू वाली 5.5 किलोग्राम की राइफलों से करतब दिखाए। वायुसेना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने जवानों को शुभकामनाएं दीं।

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क्या है इस दिन का महत्व ?

भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। इसी मौके को याद करते हुए हर साल इस दिन को भारतीय वायुसेना दिवस के रूप में मनाया जाता है। वायुसेना भारतीय सशस्त्र सेना का एक अंग है जो वायु युद्ध, वायु सुरक्षा, और वायु चौकसी का महत्वपूर्ण काम देश के लिए करती है। आजादी से पहले इसे रॉयल इंडियन एयरफोर्स के नाम से जाना जाता था मगर बाद में इसके नाम से रॉयल शब्द को हटा दिया गया।