जैन के बाद, सिसोदिया ने भी एलजी के दफ्तर में भूख हड़ताल शुरू की

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नई दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी उपराज्यपाल अनिल बैजल के दफ्तर में आज से बेमियादी भूख हड़ताल शुरू कर दी। एक दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे।

अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार के मंत्रियों ने इस तरह से दूसरी रात भी उपराज्यपाल के कार्यालय में बिताई। आप सरकार की मांगों में यह भी शामिल है कि उपराज्यपाल आईएएस अधिकारियों को उनकी ‘हड़ताल’ समाप्त करने का निर्देश दें और उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने चार महीने से काम को ‘अवरुद्ध’ कर रखा है।

केजरीवाल ने आज सुबह उपराज्यपाल के दफ्तर से ट्वीट किया कि यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री कार्यालय की हरी झंडी के बिना क्या आईएएस अधिकारियों का काम पर लौटना संभव है ?

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘क्या मोदी सरकार दिल्ली सरकार द्वारा किए जा रहे अच्छे कामों को बरबाद करने के लिए आईएएस अधिकारियों का इस्तेमाल एक औजार के तौर पर नहीं कर रही है?’’ उन्होंने कहा कि दिल्ली के विकास में ‘रूकावटों’ को हटाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

सिसोदिया ने भी टि्वटर पर कहा कि वह भी उपराज्यपाल दफ्तर में बेमियादी भूख हड़ताल में जैन के साथ शामिल हो गए हैं। केजरीवाल और उनके कैबिनेट सहयोगी सोमवार शाम 6 बजे से उपराज्यपाल के कार्यालय में धरने की शुरूआत से ही सक्रिय हैं।

सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली की जनता को उसका हक दिलाने और उसके रुके हुए काम कराने के लिए आज से मैं भी अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ रहा हूं। सत्येंद्र जैन का अनशन भी कल से जारी है।’’

केजरीवाल ने कल एक वीडियो जारी किया था और कहा था कि मंत्रियों के साथ उपराज्यपाल के कार्यालय में धरने पर बैठने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था क्योंकि अनिल बैजल कई बार अनुरोध करने के बावजूद दिल्ली सरकार की मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे थे।

सूत्रों ने बताया कि दिल्ली के इतिहास में यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने अपनी मांगों को लेकर उपराज्यपाल के दफ्तर में रात गुजारी हों। दिल्ली प्रदेश भाजपा ने धरने की आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘लोकतंत्र का मजाक’ है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कल टि्वटर पर कहा था, ‘‘लोकतंत्र का मजाक बना रहे हैं। कोई काम नहीं हो रहा है सिर्फ ड्रामा हो रहा है।’’

बहरहाल, आप ने कहा है कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी और मांगे माने जाने तक वह झुकेंगे नहीं। आप सरकार के मुताबिक, अधिकारी मंत्रियों के साथ बैठक नहीं कर रहे हैं और उनके फोन कॉल नहीं उठा रहे हैं जिससे लोगों के लिए सरकार का काम प्रभावित हो रहा है।

उसने कहा कि 19-20 फरवरी की दरमियानी रात को मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर कथित हमले के बाद अधिकारी ‘आंशिक हड़ताल’ पर चले गए थे।

वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि वह और उनके मंत्री 23 फरवरी से उपराज्यपाल से मांग कर रहे हैं कि वह आईएएस अधिकारियों को हड़ताल खत्म करने के निर्देश दें लेकिन बैजल उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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