15 करोड़ यूजर्स पर Adware अटैक! गूगल ने दी एडवाइजरी

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नई दिल्ली: गूगल प्ले और मैलवेयर का रिश्ता पुराना है। गूगल इन्हें हटाने की पूरी कोशिश करता है, लेकिन समय समय पर प्ले स्टोर पर ऐडवेयर और मैलवेयर वाले ऐप्स मिल जाते हैं। गूगल ने हाल ही में प्ले स्टोर से कई ऐप्स हटाए हैं। एक बार फिर से रिपोर्ट आ रही है कि गूगल ने प्ले स्टोर से कुछ 210 ऐप्स हटा लिए हैं।

सिक्योरिटी फर्म चेक प्वॉइंट के रिसर्चर्स ने पता लगाया था कि ये ऐप्स दरअसल ऐडवेयर से प्रभावित थे। ऐडवेयर ऐसे सॉफ्टवेयर होते हैं जो पॉप के जरिए खुद से आपको विज्ञापन दिखाते हैं और इसके लिए किसी परमिशन की भी जरूरत नहीं होती है। ये दरअसल कंप्यूटर्स के लिए तैयार किया जाता है, लेकिन अब स्मार्टफोन में भी ऐसे ऐप्स मिलते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक ये एंड्रॉयड ऐडवेयर दुनिया भर के 15 करोड़ डिवाइस में पाए गए हैं। इस कथित Simbad मैलवेयर को कुछ मोबाइल गेमिंग के लिए बनाया गया था जिनमें Real Tractor Farming Simulator, Heavy Mountain Bus Simulator 2018 और Snow Heavy Excavator Simulator शामिल हैं। इनमें से हर ऐप्स पांच मिलियन बार से ज्यादा डाउनलोड किए गए हैं। जबकि इनमें से एक 10 मिलियन से भी ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है। ऐसे करके टोट 210 ऐप्स मिले थे जिन्हें गूगल ने अब प्ले स्टोर से हटा लिया है।

रिसर्चर्स का कहना है कि SimBad में ये काबलियत है कि ये तीन ग्रुप्स – शो ऐड्स, फिशिंग और एक्सपोजर टु अदर ऐप्लिकेशन में डिवाइड हो सकता है। इसके जरिए SimBad मैलवेयर को बनाने वाले अटैकर मल्टिपल प्लेटफॉर्म्स के लिए फिशिंग पेज बना सकते हैं और उन्हें ब्राउजर में ओपन कर सकते हैं। कुल मिला कर ये है कि इसके जरिए यूजर्स सीधे तौर पर फिशिंग का शिकार हो सकता है। फिशिंग से आपका यूजरनेम और पासवर्ड आसानी से चोरी किया जा सकता है।

एक सवाल ये भी उठता है कि बार बार गूगल प्ले स्टोर के साथ ही ऐसा क्यों होता है। गूगल प्ले स्टोर पर ऐप्स अपलोड होने से पहले कंपनी इसका रिव्यू करती है और इसके लिए भी प्रोसेस हैं। लेकिन माना ये जाता है ये गूगल का रिव्यू प्रोसेस अभी भी ऐपल के रिव्यू प्रोसेस से कमजोर है। इसलिए ऐपल ऐप स्टोर में ऐसी दिक्कतें हमेशा नहीं आती हैं।

अगर आपके स्मार्टफोन में भी इस तरह के ऐप्स हैं तो बिना देर किए इन्हें हटा दें और किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसके पब्लिशर की जांच कर लें और ये सुनिश्चित कर लें कि वो क्रेडिबल ऐप है या नहीं।

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