खाना, पानी व शिक्षक न मिलने की वजह से छात्रावास छोड़कर भागे ३६ आदिवासी छात्र

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भुवनेश्वर.– आदिवासी बहुल रायगड़ा जिले के सदर ब्लाक के विलाशु सरकारी आश्रम स्कूल के ३६ आदिवासी छात्र पौ फटने से पहले आश्रम याने कि छात्रावास को छोड़कर भागे हैं। यह छात्र आश्रम से निकलकर अपने घर नहीं गये हैं। वह मंगलवार की सुवह से जिलाधीश के दपÌतर के साम्ने आकर धरना पर बैठ गये थे। यह छात्र छात्रावास से सुवह ४ बजे निकलकर पहले जंगली रास्ते में चलते चलते कइे किलोमीटर आने के बाद फिर एक बस पकडकर रायगडा पहु@चे थे। बसअ·े से जिलाधीकारी का दपÌतर ३ किमी की दूरी पर है। बच्चों ने बसअ·े से चलते चलते रायगडा जिलाधिकारी के दपÌतर तक पहु@चे थे। यह सुनते ही जिला के जन मंगल अधिकारी नन्द लाल विश्वाल साथ में आइटीडीए के प्रकल्प अधिकारी टुकु बारीक को लेकर छात्रों को समझाबुझा कर वापस आश्रम भेज देने की कोशीश कर के सफल हुए हैं। इन अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि अगले ४८ घण्टों के अन्दर सब कुछ ठीक कर दिया जाएगा। छात्रों को तुरन्त फिर छात्रावास को वापस ले जाने के लिए अधिकारी इतनी जल्दी में थे कि विभाग के वाहन के साथ दो तीन आ@टोरिक्सा भाड़े मे लाकर बच्चों को वापस छात्रावास में ले लिया गया है।
यह स्कूल रायगड़ा जिला मुख्यालय से सिर्फ २२ किलोमिटर की दूरी पर है। विशेषकर आदिवासियों के लिए बनी विलेशु गांव के इस स्कूल को जिला मंगल विभाग की ओर से चलाया जा रहा है। जबकि स्कूल में इस समय समस्या ही समस्या है। स्कूल में छात्रछात्राओंके लिए शौचालय नहीं है। दो टूटाफूटा शौचालय है जिसे छात्राओंके लिए संरक्षित रखा गया है। सभी छात्रों को शौच होने के लिए पास के जंगल में जाना पड़ता है। जहा@ पर हमेशा बन्यजीब आक्रमण का डर लगा रहता है। रात को यह डर ओर बढ़ जाता है। जितने छात्र आश्रम में रह रहे हैं उन्हे ठीक से खाना नहीं दिया जा रहा है। स्कूल में शुद्ध पेयजल का कोई इन्तजाम नहीं है। हर समय कहा जा रहा है कि स्कूल में कम्प्यूटर शिक्षा दिया जाएगा। सरकार की ओर से नया कम्पूटर दिया गया है। लेकिन वह सिर्फ डिब्बे हैं। छात्रछात्राओंने कभी इस कम्प्यूटर को किसी की ओर से चलाता हुआ देखा नहीं है। स्कूल में एक कम्प्यूटर शिक्षक भी हैं । उन्हे कहने पर वह बच्चों को गालीगलोज करते हैं। स्कूल में शिक्षक नहीं हैं। जो भी आते हैं वह खुद कोशीश करके अपना तवादला किसी अच्छे व शहरी इलाके को करवा लेते हैं या उन्हे तबादला कर दिया जाता है।
बता दें कि राज्य के अनुसूचित जाति, जनजाति,अल्पसंख्यक, पिछडावर्ग कल्याण विभाग के राज्य मंत्री(स्वतन्त्र प्रभार) जगन्नाथ सारका इस जिले से चुनकर विधानसभा पहु@चे हैं व मन्त्री बने हुए हैं।