मोजाम्बिक में भयंकर तूफान से 19 लोगों की मौत, 70 से अधिक घायल

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नई दिल्ली: मध्य मोजाम्बिक में 15 मार्च को चक्रवात इदाई के कारण कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और बीरा शहर का संपर्क देश के बाकी हिस्से से टूट गया है. इधर मोजाम्बिक में भारतीय उच्चायोग ने बताया कि उन्होंने एक चेकपोस्ट पर रोके गए 36 भारतीयों को मुक्त करा दिया है. इसकी सुषमा स्वराज ने तारीफ की.

रेडियो मोकाम्बिक ने कहा, “चक्रवात ईदई के परिणामस्वरूप सोफला प्रांत में 19 लोगों की मौत और 70 से अधिक घायल होने की आशंका जताई जा रही हैं. अधिकांश मौतें बीरा शहर में हुईं- बंदरगाह हब और सोफाला प्रांत की राजधानी के शहर में जो बिजली लाइनों के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद लगभग कट गया है, हवाई अड्डे को भी बंद कर दिया गया और बाढ़ से सड़कें बह गईं हैं. चक्रवात से पहले के दिनों में बाढ़ ने देश भर में 66 लोगों की जान ले ली थी.

प्रांतीय गवर्नर अल्बर्टो मोंडलेन ने सरकारी रेडियो से कहा, सबसे कठिन क्षण रात और आज सुबह था, बहुत नुकसान हुआ है. कई घरों की छतें तक उड़ गई हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट (एनआईडीएम) के एक अधिकारी ने बताया कि घरों और पेड़ पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं.

एयरपोर्ट किया गया बंद

एक अधिकारी ने बताया कि हवाई यातायात नियंत्रण टावर, नेविगेशन सिस्टम और रनवे तूफान से क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद अधिकारियों को बीरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बंद कर दिया गया हैं. रनवे की कुछ लाइटें तथा नेविगेशन सिस्टम भी खराब हो गया है, कंट्रोल टावर एंटेना और कंट्रोल टावर को भी काफी नुकसान पहुंचा है. रनवे मुश्किलों से भरा हुआ है और पार्क किए गए विमान भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

बुधवार की देर रात, राष्ट्रीय वाहक LAM ने बीरा और क्वेलिमाने के लिए सभी उड़ानों को रद्द कर दिया, जो तट के नजदीक पर स्थित है, पावर यूटिलिटी इलेक्ट्रीड डी मोकैम्बिक ने एक बयान में कहा कि 14 मार्च से मणिका, सोफाला और इनहम्बेन प्रांत के कुछ हिस्सों में बिजली भी नही हैं.

7 स्कूलों और अस्पताल को नुकसान

एक अन्य अधिकारी पेड्रो अरमांडो अल्बर्टो विर्गुला ने कहा कि बीरा शहर के उत्तर में चिंदे कस्बे में अस्पताल, पुलिस स्टेशन और सात स्कूलों की छतें टूट चुकी हैं और कई घर भी नष्ट हो गए. बीरा सेंट्रल अस्पताल के एक प्रवक्ता बेइरासियो सेबोला ने कहा कि देश के दूसरे सबसे बड़े अस्पताल में थिएटर और सर्जरी को बंद कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि से कहा, ‘चक्रवात के कारण, थिएटर अब मरीजों के ऑपरेशन करने की हालत में नहीं है.’

स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि इस हफ्ते की भारी बारिश ने पहले ही 66 लोगों की जान ले ली, 111 लोगों को घायल कर दिया और 17,000 लोगों को दूसरी जगहों पर विस्थापित कर दिया गया हैं.

विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने कहा कि यह प्रभावित क्षेत्रों में 20 टन आपातकालीन खाद्य सहायता पहुंचाई जाएगी. संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने मानवीय मामलों से निपटने के लिए (OCHA) कार्यालय को चेतावनी दी थी कि तूफान 190 किलोमीटर प्रति घंटे (118 मील प्रति घंटे) की रफ्तार से हवाएं चल सकती है.

अधिकारियों ने कहा कि पिछले सप्ताह में मोजाम्बिक, मलावी और दक्षिण अफ्रीका के कुछ हिस्सों में कम से कम 126 लोग मारे गए और पड़ोसी मलावी में भारी बारिश ने लगभग दस लाख लोगों को प्रभावित किया है और 56 लोगों की जान ले ली है.

अधिकारियों ने आपातकालीन राहत शिविर खोले हैं, जहां पर मलेरिया की दवा नहीं मिल पा रही है. मोजांबिक की मौसम सेवा ने चेतावनी दी है कि 17 मार्च तक बीरा और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश जारी रहेगी.

संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी, है कि मार्च की शुरुआत में लगभग 168,000 हेक्टेयर (415,000 एकड़) फसलों को पहले ही बाढ़ से प्रभावित हो चुकी है, जो खाद्य सुरक्षा और पोषण को कमजोर करेगी. मोजाम्बिक और मलावी, दुनिया के दो सबसे गरीब देशों में से हैं बरसात के मौसम के दौरान बाढ़ और सूखे से ग्रस्त हैं.