हल्दी की बड़ाई सुनते ही जीआई टैग लेने में जुटी राज्य सरकार

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भुवनेश्वर 30 जून। रसगुल्ला हाथ से फिसलने के बाद हल्दी के जीआई (भौगोलिक पहचान) टैग की कोशिशें तेज हो गयी है। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि ओडिशा के कृषि उत्पाद के निर्यात की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कंधमाल जिले की हल्दी का विशेष उदाहरण देते हुए कहा कि यहां की हल्दी मांग ही राज्य की कृषि अर्थ व्यवस्था को प्रगति दे सकती है। ओडिशा की हल्दी का देश दुनिया में नाम है। इसके औषोधीय गुण इसकी दुनिया भर में मांग को बल देते हैं। गिरिराज ने राज्य के किसानों की आय न बढ़ने का ठीकरा नवीन सरकार के सिर पर फोड़ा। उन्होंने भुवनेश्वर में कहा कि राज्य के कृषि उत्पाद यहां के विकास की तस्वीर प्रस्तुत कर सकते हैं।

नवीन सरकार के महिला एवं शिशु विकास सामाजिक सुरक्षा एवं एमएसएमई मंत्री प्रफुल्ल सामल ने कहा कि कंधमाल की हल्दी का जीआई टैग हासिल करने के लिए कागज एकत्र किए जा रहे हैं।  यह सच है कि यहां की हल्दी किसानों की आर्थिक प्रगति का कारण बन सकती है। रसगुल्ले पर सामल कहते हैं कि 16वीं सदी से जगन्नाथ जी को भोग में चढ़ाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि भुवनेश्वर से करीब दो सौ किलोमीटर दूर माओप्रभावित 6 लाख की आबादी वाला जिला कंधमाल जिले की आधी से ज्यादा आबादी की जीविका हल्दी पर ही निर्भर है। समुजित बाजार न मिलने से किसानों को वाजिब मुनाफा नहीं मिल पाता है। दरअसल रसगुल्ले की लड़ाई पश्चिम बंगाल के जीत लेने के बाद राज्य सरकार ने कंधमाल की हल्दी का जीआई टैग लेने में जल्दी दिखानी शुरू कर दी। हल्दी को शुरू से ही ओडिशा के कंधमाल की उपज के रूप माना जाता है। एक बड़ी मसाला कंपनी के विशेषज्ञ बताते हैं कि हल्का लाल रंग लिए कंधमाल की हल्दी गुणवत्ता के मामले में बहुत आगे है। इसका औषधीय उपयोग करने पर किसी भी तरह के दुष्प्रभाव की संभावना नहीं रहती है। तिस पर खास बात यह कि हल्दी की खेती में किसानों द्वारा किसी भी तरह का कीटनाशक का उपयोग नहीं किया जाता है। खुशबू तो बे-मिसाल है।

कंधमाल एपेक्स स्पाइस एसोसिएशन फॉर मार्केटिंग के अनुसार कंधमाल में हल्दी का उत्पादन 9 से 10 हजार टन रहता है। अनुकूल पस्थितियों में यह इससे ऊपर भी जाता है। इस एसोसिएशन में15 हजार के करीब सदस्य हैं। हल्दी की जैविक गुणवत्ता के लिए सर्वोत्तम अंतर्राष्ट्रीय प्रमाण पत्र प्राप्त है। यहां का हल्दी व्यापार 35 करोड़ रुपये के अल्लेपल्ले होता है।