विश्वसनीयता ही समाज की पूंजी हैः उपराष्ट्रपति

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भुवनेश्वर 6 अक्टूबर। भारत के उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडु ने कहा कि इलेक्ट्रानिक एवं डिजिटल मीडिया के इस युग में आज भी प्रिंट मीडिया समाज में विश्वसनीयता के कारण महत्वपूर्ण स्थान बनाए हुए है। उन्होंने प्रिंट मीडिया के राजस्व में बढ़ोत्तरी का उल्लेख करते हुए कहा कि 2018 में 5.6 प्रतिशत ग्रोथ हुई है। स्पष्ट है कि भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने विश्वास जताया कि क्षेत्रीय भाषा के व्यापक प्रचार प्रसार और ग्रामीण विकास के दृष्टिगत क्षेत्रीय भाषा में छपने वाले समाचार पत्र अभी और निकलना शुरू होंगे। जनता से जुड़े जमीनी मुद्दों पर बेहतर रिपोर्टिंग भाषाई अखबार सदैव करते रहे हैं। सत्ता तक आमजनों की आवाज यही अखबार हैं।

उपराष्ट्रपति नायडु यहां जवाहरलाल नेहरू इनडोर स्टेडियम मे ओडि़या अखबार समाज के शतवार्षिकी समारोह के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जमीनी रिपोर्टिंग के बूते क्षेत्रीय भाषा के अखबारों में ग्रामीण परिदृश्य बदलने की ताकत हैं। उन्होंने क्षेत्रीय समुदाय के हित के लिए सकारात्मक स्टोरी जैसे जल संरक्षण, पर्यावरण सरंक्षण, कृषि क्षेत्र में अभिनवीकरण के लिए पत्रकारों का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के प्रयास से जनविश्वास, सामुदायिक जागरूकता, सतत विकास में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि समाज ओडिशावासियों की पूंजी है। सौवां वर्ष समाज की पत्रकारीय श्रेष्ठता का दस्तावेजी प्रमाण है। उन्होंने ओड़िया भाषा की समृद्धता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने उत्कलमणि पंडित गोपबंधु दास के ओडिशा के सर्वांगीण विकास की दिशा में प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि गोपबंधु दास विकास के हर क्षेत्र में शिक्षक की भूमिका में थे।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि डिजिटल युग में सूचना का मुख्य स्रोत सोशल मीडिया बन चुका है। शासन तंत्र में जनसहभागिता सूचना के सशक्त माध्यम के बिना संभव नहीं है। मीडिया को लोगों को सूचना देने के साथ ही शिक्षित भी करना चाहिए। लोकतंत्र में सुशासन मीडिया के बिना सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। शासन की कमियों को उजागर करना चाहिए, इससे शासनतंत्र में मजबूती आती है। लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में मीडिया को इसीलिए चौथा स्तंभ कहा जाता है। मीडिया का अर्थ ही पब्लिक ट्रस्ट होता है। उन्होंने पत्रकारिता को मिशन बताया। उन्होंने फेक न्यूज और पेड न्यूज जैसे संकट से निपटने का आव्हान किया। उपराष्ट्रपति ने जैसे ही अपना भाषण ओड़िया भाष से शुरू किया लोगों ने तालिया बजाकर उनके ओड़िया प्रेस का स्वागत किया।

इससे पहले मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि समाज ओडिशा का गौरव है। पत्र के सौ वर्ष पूरे होने पर बधाई दी। राज्यपाल प्रोफ़ेसर गणेशीलाल ने कहा कि ओड़िशा की संस्कृति, साहित्य अमूल्य है। उन्होंने हनुमान का इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़म, नारद की रिपोर्टिंग का जिक्र करते हुए इन्हें सकारात्मक और लोक कल्याण की दिशा वाली पत्रकारिता कहा। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि ओडिशा को समाज पर गर्व है। यह जन-जन का समाचार पत्र है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सौ वर्ष पूरे होने पर समाज परिवार को बधाई दी। लोक सेवक मंडल के अध्यक्ष एवं समाज प्रबंधन बोर्ड के चेयरमैन दीपक मालवीय ने कहा कि समाज के जनांदोलन है। यह ओ़डिशा के हरवर्ग की आवाज है। समाज के उद्देश्य और सकारात्मक पत्रकारिता की बाबत विस्तृत जानकारी दी। कार्यवाहक महाप्रबंधक प्रियब्रत महंती ने समाज के कामकाज पर प्रकाश डाला। इस बीच समाज शतवार्षिकी के ‘लोगो’ का विमोचन किया। डाक टिकट भी रिलीज किया गया। शतवार्षिक पब्लिकेशन का विमोचन के साथ ही 100 पेज के मेगा सप्लीमेंट का विमोचन किया गया। गोपबंधु की जीवनी पर पुस्तक का विमोचन किया गया।