विरासत में सियासत सौंपने में व्यस्त नेता, कार्यकर्ता उपेक्षित

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भुवनेश्वर। पुत्र और परिवार मोह में फंसे बीजेडी, बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गज नेता कार्यकर्ताओं को किनारे करके अपने पुत्र, पुत्री, पत्नी की टिकट को लेकर तियापांचा में जुट गए हैं। जनसेवा के लिए सियासत को विरासत समझने वाले इन नेताओं से कार्यकर्ता दूर होते जा रहे हैं। पार्टी के नेता के नाम भले ही वोट पाकर जीत जाएं पर लोग बताते हैं ऐसे नेताओं का जनाधार सिकुड़ने लगा है।

कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री गिरधर गमांग अपने बेटे शिशिर गमांग के लिए बीजेपी से टिकट की जुगत में लगे हैं। इनकी पत्नी पूर्व सांसद हेमा गमांग ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। दोनों ही शिशिर की टिकट के लिए प्रयासरत हैं।

लोइसिंघा विधानसभा क्षेत्र से बीजेडी विधायक पूर्व मंत्री जोगेंद्र बेहरा अपने बेटे निहार बेहरा के लिए प्रयासरत हैं। उम्रदराज होने के कारण जोगेंद्र बेहरा चुनावी राजनीति से अलग होना चाहते हैं। बासुदेवपुर से एमएलए ओडिशा सरकार में वन एवं पर्यावरण मंत्री विजयश्री राउतराय अपने पुत्र विष्णुब्रत राउतराय को अपने निर्वाचन क्षेत्र से लड़ाना चाहते हैं। राउतर काफी वृद्ध हैं। विजयश्री राउरतराय के पिता नीलमणि राउतराय 1977 से 80 के दौरान ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे थे। उन्होंने भी अपने पुत्र विजयश्री राउतराय को राजनीति में बढ़ाया और अब यही काम विजयश्री राउतराय अपने बेटे के लिए कर रहे हैं। राउतराय की यह तीसरी पीढ़ी होगी।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के खास करीबी पूर्वमंत्री अनंगउदय सिंहदेव अब अपने छोटे बेटे अर्केश सिंहदेव को विधानसभा चुनाव लड़ाने के लिए जोर जुगत लगाए हैं। इनके बड़े बेटे कलिकेश सिंहदेव बलंगीर से सांसद हैं। बीजेडी संसदीय दल के प्रवक्ता भी हैं। बलंगीर सीट पर महिला लड़ाने के फैसले के कारण अर्केश को विस चुनाव लड़ाने का परिवार ने मन बनाया है।

पूर्व वित्त मंत्री प्रफुल घड़ई ने 2014 में ही बेटे प्रीतिरंजन घड़ई को अपने ही क्षेत्र से बीजेडी की टिकट पर जितवा दिया था। पर अब उसका टिकट संकट में है। प्रफुल्ल नवीन निवास में देखे जा रहे हैं। कालाहांडी के बीजेडी सांसद अर्ककेशरी देव अपनी पत्नी मंदाकिनी देव को सांसदी का टिकट दिलाने में लगे हैं। 33 प्रतिशत महिला आरक्षण में कालाहांडी से महिला लड़ाने का पार्टी ने फैसला लिया है।

विधायक नित्यानंद प्रधान अपने क्षेत्र संख्यमुंडी से अपनी पत्नी लतिका प्रधान को टिकट दिलाने में जुटे हैं। भद्रक के बीजेडी सांसद अर्जुन सेठी अपने बेटे अभिमन्यु सेठी के लिए लगे हैं। सेठी वयोवृद्ध हैं। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निरंजन पटनायक अपने पुत्र नवज्योति पटनायक को बालासोर से टिकट दिलाने में लगे हैं। यहां से पूर्व कांग्रेसी सांसद श्रीकांत जेना की पार्टी से छुट्टी कर दी गयी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री भक्तचरण दास अपने बेटे सागर दास को भवानीपटना विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिलाने को दौड़धूप कर रहे हैं।

बताते हैं कि कांग्रेस विधायक नेता विपक्ष नरसिंह मिश्र भी अपने बेटे के लिए बलंगीर से टिकट मांग रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जानकीबल्लभ पटनायक के बेटे पृथ्वीबल्लभ पटनायक भी कांग्रेस से टिकट मांग रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष निरंजन पटनायक उनके जीजाश्री बीजेडी सांसद सौम्य रंजन पटनायक के सगे बड़े भाई हैं।

बीजेडी-बीजेपी सरकार में मंत्री रहे बीजेपी के वरिष्ठ लीडर विश्वभूषण हरिचंदन अपने बेटे पृथ्वीराज हरिचंदन की टिकट को लेकर चिंतित हैं। उनकी कोशिशें जारी हैं। कांग्रस के वरिष्ठ नेता रामचंद्र रथ के बेटे लोकनाथ रथ आस्का संसदीय क्षेत्र से टिकट की जुगत मे लगेहैं।

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