रैली की तैयारियों के बीच मंत्री की बैठक पर भड़की एसपीजी, पीएमओ को रिपोर्ट

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अनूप वाजपेयी

कानपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शहर यात्रा सकुशल सम्पन्न हुई और वो एक बडी रैली को सम्बोधित कर शहर के लोगो की तालिया बटोर ले गए पर उनकी यह यात्रा स्थानीय प्रशासन और एसपीजी के बीच की टसल के रूप में याद रखी जाएगी। जिस दिन से एसपीजी की टीम कानपुर आयी उसी दिन से टीम को प्रशासन की अनदेखी भोगनी पडी।

एसपीजी को सारे प्रवंध अपने रिस्क पर करने प़डे। सूत्रों का तो यह भी दावा है कि एसपीजी के आईजी ने इस पूरे प्रकरण की जानकारी पीएमओ को दे दी है। इस पूरे विवाद की जड में शुरूआत की प्रदेश के कद्दावर कैबिनेट मंत्री सतीश महाना ने। इस खींचतान में एक समय तो यह भी आ गया था कि एसपीजी ने सीएम का हैलीकाप्टर रैली वाले मैदान मे उतरने से साफ इंकार कर दिया था।

पीएम की आठ मार्च को रैली थी शहर के दक्षिण क्षेत्र के निराला नगर स्थित रेलवे ग्राउंड में इस ग्राउंड की सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त रखने को एसपीजी के आईजी नाम्याल अपनी टीम के साथ दो दिन पहले सीधे रेलवे ग्राउंड पहुंच गए उस समय वहां हैलीकाप्टर के लिए हैलीपैड बनना शुरू हुए थे एसपीजी ये जानना चाह रही थी कि मंच कहां बनेगा और हैलीपैड मंच से कितने दूर होंगे पर उन्हें वहां बताने को शहर प्रशासन का कोई अफसर मौजूद नहीं था। ले दे कर एसपी साउथ रवीना त्यागी थीं जो कुछ बता नहीं पा रहीं थी जब एसपीजी के आईजी नाम्याल ने डीएम और एसएसपी के बारे में पूछा तो उन्हें बताया गया कि वे कैबिनेट मंत्री सतीश महाना की बैठक में सर्किट हाउस में हैं।

यह सुन कर एसपीजी के आईजी का पारा चढ गया उन्होंन कहा कि पीएम की सिक्यूरिटी के समय बैठक का क्या मतलब है? एसपीजी के तेवर देख एसपी रवीना त्यागी ने तुरंत अपने आला अफसरो को सूचित किया और नाराज एसपीजी की टीम को अपने आफिस ले कर आयीं जो कि रैली स्थल के बगल में है। यहां औपचारिक बैठक शुरू हुई जहा सर्किट हाउस की मंत्री की बैठक छोड कर सभी प्रशासनिक अफसर एसपीजी के सामने ताबडतोड सेल्यूट की मुद्रा में खडे दिखाई दिए। यह दिन तो जैसे तैसे टला पर दूसरे दिन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को रैली स्थल का निरीक्षण करने आना था और जिला प्रशासन ने बिना एसपीजी से पूछे सीएम का हैलीकाप्टर रैली स्थल पर उतारने का निर्णय ले लिया। जब सीएम का आने का समय हुआ तब मैदान में बन रहै तीनों हैलीपैड पर काम चल रहा था।

एसपीजी को जैसे ही सीएम के चॉपर के याहां उतारे जाने की जानकारी हुई उन्होंने अपने आईजी नाम्याल को बताया। नाम्याल ने सीएम के चापर को उतारे जाने से साफ मना कर दिया। उनका कहना था कि इससे पीएम के लिए तैयार हो रहे हैलीपैड के निर्माण कार्य पर असर पडगा ऐन टाइम पर एसपीजी के तेवर देख प्रशासन के हाथ पांव फूल गए तब संकट मोचन बन कर उभरे

कानपुर रेंज के आई जी आलोक सिंह। एसपीजी के आईजी नाम्याल और आलोक सिंह एक ही बैच के आईपीएस हैं, सो आलोक सिंह ने नाम्याल को मौके की नजाकत समझायी तो हेलीकॉप्टर रैली स्थल पर उतारने पर एसपीजी राजी हुई।

विश्वस्त सूत्रों का कहना कि एसपीजी ने इन सभी धटनाओं की जानकारी पीएमओ को दे दी है। सूत्रों का यह भी कहना है कि रैली ठीक से निपट जाने के बाद स्थानीय अफसरों ने एसपीजी के आई जी नाम्याल से भूल चूक भी समझ ली जिसके आधार आईजी कानपुर रेंज आलोक सिंह ही बने।

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