राहुल ने ओडिशा में तीन प्रभारी सचिवों की नियुक्ति की

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कांग्रेस ने ओडिशा से संगठन मजबूती की शुरुआत की

संयुक्त सचिव भी राज्य इंचार्ज बनाया, शुभंकर की छुट्टी

भुवनेश्वर। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ओडिशा में तीन प्रभारी राष्ट्रीय सचिव और एक संयुक्त सचिव की दिल्ली से तैनाती करके राज्य में संगठन की मजबूती की दिशा में ठोस कदम उठाने के संकेत दिए। बीके हरिप्रसाद को हटाकर जितेंद्र सिंह को प्रभारी महासचिव कोई 20 दिन पहले बनाया जा चुका है। चुनाव तक प्रसाद हरिचंदन के बने रहने के संकेत हैं। राज्य के प्रभारी सचिव पद पर रहे शुभंकर सरकार की छुट्टी कर दी गयी।

राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलौत ने नये प्रभारी सचिवों में पूर्व विधायक रुद्र राजू, अनिल कुमार चौधरी, और शेख मस्तान की नियुक्ति की घोषणा की। इस आशय की सूचना भी मीडिया को जारी की गयी। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू है। इसके अलावा कांग्रेस के संयुक्त सचिव आदित्य शर्मा को भी ओडिशा का प्रभार सौंपा गया। मालूम हो कि प्रदेश अध्यक्ष प्रसाद हरिचंदन ने व्यापक परिवर्तन का बयान दो दिन पहले दिया था।

हालांकि 2019 तक प्रदेश अध्यक्ष न बदले जाने के संकेत हाईकमान से मिलने के बाद प्रसाद हरिचंदन और उनके समर्थक खुश हैं। पर हालिया परिवर्तन से लगा कि गांधी ओडिशा पर विशेष फोकस है। प्रसाद हरिचंदन को हटाने वालों की उत्साह धीमा पड़ा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता कहते हैं कि ओडिशा का संगठन लगता है कि अब दिल्ली से संचालित किया जाएगा। गुटबाजी करने वाले कई वरिष्ठ नेताओं का एआईसीसी से पत्ता काट दिया गया था। ये नाम हैं कि तारा प्रसाद बाहिनीपति, चंद्रशेखर माझी, चिरंजीबी बिस्वाल, प्रफुल माझी, योगेश सिंह, अंशुमान महंति प्रकाश बेहरा, देवेंद्र शर्मा, कैलाश कुलिस्का, के. सूर्य राव, जैकब प्रधान, अनंत सेठी, कैलाश आचार्य, चंद्रशेखर साहू, ज्ञानेश्वर बेहरा। अधिकतर विधायक हैं। दूसरी तरफ सिद्धार्थ महंति, शारदा प्रधान, विजय द्विवेदी, दीप्तिरेखा मिश्रा, जानकी मलिक, आरती देव, सौगात महंति, लालतेंदु महापात्र, देवाशीष भुयान को एआईसीसी सदस्यता सूची में स्थान दिया गया।

सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने तारा बाहिनीपति, प्रफुल माझी, योगेश सिंह का नाम एआईसीसी सदस्यता सूची से खुद ही हटाया है। ये वो लोग हैं जो गांधी के आदेश के बाद भी हरिचंदन ओडिशा प्रदेश काग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रसाद हरिचंदन का खुल्लमखुल्ला विरोध कर रहे थे। ओडिशा में कांग्रेस ने राज्य नेतृत्व के प्रति बगावत के स्वर बुलंद करने वाले प्रमुख नेताओं को दर किनार करके साफ संकेत दिया है कि गुटबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गुटबाजी के मकड़जाल में उलझी ओडिशा कांग्रेस पार्टी चुनाव में लगातार बुरी तरह पराजित हो रही है। बिजैपुर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार लगातार चुनाव जीतने के बाद भी उपचुनाव में बुरी तरह पराजित हो गयी। इस चुनाव में कांग्रेस की एकजुटता कहीं भी नहीं दिखी। ठीकरा हरिचंदन के सिर पर फोड़ा गया। ऐसे में सीनियर लीडरों को एआईसीसी सदस्यता से वंचित रखना सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। प्रदेश अध्यक्ष प्रसाद हरिचंदन का कहना है कि सदस्यता सूची हाईकमान की इच्छा से फाइनल की गयी है। वह कहते हैं कि हाईकमान ने ओडिशा में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए जो टीम भेजी है, उसे सभी कांग्रेसजन पूरा सहयोग करेंगे।

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