भाजपा ने बीजद की नींदें उड़ायीं, नवीन ने कमर कसी

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भुवनेश्वर। चुनाव चाहे जब हों पर बीजद अध्यक्ष मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कमर कस ली है। मोदी की ओडिशा में ब्रांडिंग करने वालों को जवाब देते हुए एक के बाद एक 12 महीने में 12 योजनाएं घोषित करके नवीन ने काफी कुछ मोदी मैजिक को रोकने की कोशिश की ।

बीजद की चुनावी तैयारी कुछ इस ढंग से की जा रही है जैसे चुनाव अतिनिकट हैं। अमेरिका में ओबामा केयर, भारत में मोदी केयर और अब ओडिशा में नवीन केयर। राज्य में मोदी मैजिक को एक बार निष्प्रभावी बनाने के लिए राज्य के बीजू जनता दल के अध्यक्ष मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कमर कस ली है। बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना (लोग नवीन केयर कहने लगे हैं) लांच करके वोटरों को बीजद की ओर लुभाने की कोशिश की है। यह योजना स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर घोषित की जाएगी और तत्काल प्रभाव से लाभ मिलने लगेगा। बीते 12 महीनों में 12 योजनाएं घोषित करके नवीन पटनायक ने केंद्र के प्रचार-प्रसार तंत्र को पीछे छोड़ दिया है। जिला पंचायत चुनाव (फरवरी 2017) में भाजपा से झटका खाने के बाद बीजू जनता दल ने पूरा ध्यान अपने वोटरों को इंटैक्ट बनाए रखने में लगा दिया।

भाजपा की राज्य इकाई और दो केंद्रीय मंत्री मोदी सरकार के चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाने के लिए मुहिम चला रहे हैं। साथ ही नवीन सरकार पर ठीकरा फोड़ रहे हैं कि केंद्र से आईं लाखों करोड़ों की योजनाओं पर राज्य सरकार बहुत खास कुछ नहीं कर पायी। केंद्रीयमंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि नवीन सरकार विकास के रास्ते से भटक चुकी है। जनकल्याण में फेल हो चुकी है। तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योजना पर योजना घोषित किए जा रहे हैं। ओडिशा में योजनाओं के माध्यम से शह-मात का खेल जारी है।

बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना में राज्य 3.5 करोड़ लोगों को पांच लाख तक के स्वास्थ बीमा का लाभ मिलेगा। देना कुछ नहीं पड़ेगा। कुल 70 लाख परिवारों को यह बीमा कवर दिया जाएगा। इसे कैशलेस हेल्थ सहायता भी कहा जा रहा है। राज्य के सरकारी अस्पतालों में इनका इलाज मुफ्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री कहते हैं कि इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक को मिलेगा। इसके अलावा गर्भवती महिला को 500 रुपया तथा घर से लाने और छोड़ने की व्यवस्था मुफ्त होगी। स्वास्थ मंत्री प्रताप जेना कहते हैं कि योजना का लाभ ओडिशा की जनता को मिलेगा। इसके क्रियान्वयन में कोताही बरतने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहना है कि किसी भी सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गयी है।

जिला परिषद चुनाव के नतीजों के बाद नवीन पटनायक के होश फाख्ता हो गए। 2012 में जिला परिषद सदस्यों के चुनाव में 849 सीटों में 651 जीतने वाली बीजद 2017 में 473 पर ही सिमट गयी। दूसरी भाजपा ने दस गुना से ज्यादा बढ़त ली। पहले उसकी छत्तीस सीटें थी। शायद इसीलिए बीते 12 महीनों में 12 योजनाएं, आदिवासी, युवा, ग्रामीण, मलिन बस्ती, महिला, किसान, दस्तकार और बुनकरों के लिए घोषित की गयीं। बीजद की प्रवक्ता सुलोचना दास कहती हैं कि देश में बीजद ऐसी पार्टी है जो चुनाव घोषणा को सरकार का एजेंडा मानकर करती है और चुनावी वादे पूरा करती है।

मुख्यमंत्री ने 2,500 मलिनबस्तियों के 10 लाख निवासियों को पट्टा देकर मकान मालिक बनाया। बीजू युवा वाहिनी गठन, 4 लाख को जोड़कर बजट में 400 करोड़ का प्रावधान। आदिवासी बहुल 9 जिलों में विशेष विकास परिषदों का गठन। 22% लोगों को लाभ। मो स्कूल कार्यक्रम। यौन शोषण के शिकार बच्चों के लिए मो परी अभियान। खुशी स्कीम में 17 लाख बालिकाओं में सेनेटरी नैपकिन वितरित करना। भुवनेश्वर को विश्व के स्पोर्ट मैप पर लाना। ओडिया भाषा के प्रमोशन व ग्रोथ पर प्रभावी ढंग से काम करना। जनता तक पहुंचने को टेक्नोलॉजी का बेहतर प्रयोग। आमा गांव आमा विकास। इसके साथ ही किसानों और आदिवासी युवाओं से जुड़ी कई स्कीमें बीजद को जनता के बीच मजबूती देती हैं।

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