बीजेपी का आरोप, कैबिनेट मंत्री महंति ने करायी पुरी में हिंसा

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पुरी। लाइन लगाकर दर्शन के विरोध में पुरी बंद के दौरान हुई हिंसा पर राजनीतिक गरमाने लगी है। बीजेपी और बीजेडी ने घटना के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार माना। महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन को लेकर तीन अक्टूबर को पुरी बंद के दौरान हिंसा की घटना को राजनीतिक मोड़ देने के प्रयास जारी हैं। उधर प्रथम सेवक गजपति महाराज ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। 

बीजेपी ने ओडिशा राज्य के सत्ता दल पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि बड़दंड (श्रीमंदिर के सामने का हिस्सा) पर हिंसा का तांडव राजस्व मंत्री महेश्वर महंति और स्थानीय विधायक के इशारे पर हुआ है। बीजेपी ने मंत्री महंति को मंत्रिमंडल से निकालने की मांग की है। पूरे घटनाक्रम में महंति की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।

बीजेपी विधायक दल के नेता केवी सिंह देव ने उन्हें लगता है कि महेश्वर महंति के ही लोगों ने उनके आवास पर तोड़फोड़ की। उन्हीं लोगों ने इसे तूल दिया। यह सब सहानुभूति पाने के लिए था। उन्होंने पुरी की घटना में गिरफ्तारी को लेकर ओडिशा सरकार दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुलिस के पास वीडियो है तो पहली बार में ही आरोपियोंं को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? बीजेडी से निष्कासित नेता पूर्व मंत्री दामोदर राउत ने हिंसा के लिए राजस्व मंत्री महेश्वर महंति को दोषी माना और कहा उनके इशारे पर हिंसा हुई।

राउत ने नैतिकता के आधार पर महंति के इस्तीफे की मांग की। वरिष्ठ बीजेपी नेता विजय महापात्र ने कहा कि पुरी का प्रशासन तीन अक्टूबर को सुबह सात बजे से अपरान्ह तीन बजे तक मूक दर्शक बना रहा। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उधर मीडिया के सवाल पर राजस्व मंत्री महेश्वर महंति ने कहा कि यह सब बीजेपी के लोगों का किया धरा है। उनका कहना है कि उनके आवास पर तोड़फोड़ करने वाले बीजेपी के लोग थे।

श्रीमंदिर के प्रथम सेवक गजपति महाराज दिव्यसिंह देव ने पुरी हिंसा की घटना की निंदा करते हुए घटना की उच्चस्तरीय मांग ओडिशा सरकार से की। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान करके सख्त सजा दी जानी चाहिए।

 

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