बड़बोलापन ले डूबा, अब बीजू विचार मंच गठित करेंगे राउत

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भुवनेश्वर 12 सितंबर। बीजू पटनायक के साथी रहे वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री दामोदर राउत को नवीन पटनायक ने दरवाजा दिखा दिया। इसके पीछे उनके विवादित बयान रहे जिनके कारण नवीन की किरकिरी होती रही। उन्हें माफी तक मांगना पड़ा। राउत बीजू विचार मंच को संगठित कर रहे हैं। इसमें वो लोग होंगे जिन्हें बीजद में हिकारत की नजर से देखा जाता है। दामोदर राउत के करीबियों का कहना है कि बीजू विचार मंच में उपेक्षितों को जोड़ेंगे। कुछ बड़े नेता भी साथ हो सकते हैं।

दाम बाबू के बोल वचन

अंग्रेजों के खिलाफ पहली लड़ाई पाइक विद्रोह के योद्धा रहे जयी राजगुरु स्वतंत्रता सेनानी हैं या नहीं अब इस बात को लेकर नवीन पटनायक के दो मंत्रियों ने ताल ठोंक दी है। एक हैं दामोदर राउत तो दूसरे हैं महेश्वर महंति। ओडिशा सरकार के कृषि मंत्री दामोदर राउत के बयान ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ा दी है। वह कहते हैं कि जयी राजगुरु स्वतंत्रता सेनानी नहीं हैं। उनकी लड़ाई तो महज दो परगना हासिल करने को लेकर थी।उनके बयान पर राजस्व मंत्री महेश्वर मंहति ने कहा कि वह कुछ कहने को स्वतंत्र हैं पर इतिहास बदला नहीं जा सकता। महंति कहते हैं कि जयी राजगुरु ने अंग्रेजों से जंग लड़ी थी यह सरकार भी मानती हैं पर मंत्री क्यों नहीं मानते, यह वही बता सकते हैं। पाइक विद्रोह के 200 साल पूरे होने पर देश भर केंद्र की पहल पर द्विशताब्दी वर्ष मनाया जा रहा है।

जाजपुर की मीटिंग में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर अपमानजनक टिप्पणी (आंगनबाड़ी महिला वही जो पति को छोड़ आए) के बाद शायद पहली बार पहली बार नवीन पटनायक परेशान दिखायी दिए। उन्हें बुलाकर आंगनबाड़ी की महिलाओं से माफी मांगने तक को कह दिया। दामोदर राउत को माफीनामा का वीडियो तक जारी करना पड़ा।बीजद का कांग्रेस के साथ गठजोड़ वाले बयान पर पटनायक को बार-बार सफाई देना पड़ा। भाजपा और कांग्रेस से समान दूरी रखने का बयान जब नवीन पहले भी दे चुके हैं तो फिर गठजोड़ की संभावना का बयान दामोदर राउत क्यों दे रहे हैं, यह बात शायद नवीन बाबू भी नहीं समझ पा रहे हैं। मंत्री राउत की जुबान फिसलना नई बात नहीं है।आबकारी मंत्री के पद पर रहने के दौरान उन्होंने सुप्रीमकोर्ट के निर्णय पर भी प्रतिकूल टिप्पणी करके सरकार को मुसीबत में डाला था। हाईवे से 500 मीटर दूर शराब की दुकानों ले जाने के फैसले पर राउत ने साफ कहा कि यह ओडिशा में संभव ही नहीं है। इसके बाद उनका विभाग बदल दिया गया था।

एक बार तो अपनी ही पार्टी के तीन नेताओं को भूत कहकर चर्चा में आए बीजद के वरिष्ठ नेता कृषि मंत्री दामोदर राउत ने सफाई में कहा था कि मुख्यमंत्री ने जब उनसे गाड़ी में बैठने को कहा तो गाड़ी में तीन नेता देवाशीष सामंतराय, प्रताप जेना एवं विष्णु दास पहले से बैठे हुए थे। इन्हें देख कर मैं डर गया और इन्हें भूत समझ लिया।राउत के किस्से तो बीजू पटनायक की सरकार के जमाने से चर्चित रहे हैं।

सन 1990 में सुंदरगढ़ की सभा का बसंती बेहरा का किस्सा आज भी लोगों को याद है। तब बीजू कैबिनेट के मंत्री थे। उन्होंने सभा में पंचायत चुनाव में निर्वाचित महिला को छू लिया था।उनकी यह हरकत अखबारों की सुर्खियां बन गयी थी।23 दिसंबर 2017 को ब्राह्मणों को भिखारी तक कह दिया था। वोले, भीख आदिवासी नहीं ब्राह्मण मांगते हैं। पटनायक ने सफाई में कहा था कि किसी भी जाति, नस्ल या धर्म के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने वाले किसी व्यक्ति को मैं नामंजूर करता हूं। मैंने डॉ. दामोदर राउत को मंत्रिपरिषद से हटा दिया है।दामोदर अब ओमफेड और सहकारिता विभाग में करोड़ों के घोटाले का आरोप खुलकर लगा रहे हैं।

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