पश्चिम व दक्षिण ओडिशा में बेंच तब, हाईकोर्ट का अनुमोदन दोगे तब

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विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सीएम नवीन पटनायक को लिखा

भुवनेश्वर। ओडिशा हाईकोर्ट की बेंच स्थापना का मामला निर्णायक मोड़ पर आ गया है। ओडिशा सरकार अपनी रिपोर्ट के साथ हाईकोर्ट का अनुमोदन पत्र भेजे और आधारभूत ढांचा मुहैया कराने की गारंटी दे तो पश्चिम और दक्षिण ओडिशा में हाईकोर्ट की बेंच खोलना संभव होगा।

विधि एवं न्यायमंत्री रविशंकर प्रसाद ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को सलाह दी है कि वह हाईकोर्ट की बेंच स्थापना को लेकर ओडिशा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से वार्ता कर लें तो बेहतर रास्ता निकल आएगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पटनायक केंद्र सरकार को संबलपुर, बलंगीर व कोरापुट में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने को समय-समय पर पत्र लिखते रहे हैं। नवीन पटनायक चाहते हैं कि पश्चिमी और दक्षिण ओडिशा में स्थायी बेंच हाईकोर्ट की होनी चाहिए।

विधि एवं न्यायमंत्री प्रसाद ने ओडिशा के मुख्यमंत्री के पत्र का जवाब देते हुए लिखा कि हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की स्थापना के लिए हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश से बातचीत के बाद उनके अनुनमोदन की भी जरूरत पड़ेगी। इसके बाद ही बेंच स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसके बाद ही राज्य सरकार बेंच के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराए। उनका पत्र के माध्यम से कहना है कि राज्य सरकार वहां के हाईकोर्ट के अनुमोदन के साथ प्रस्ताव भेजे तभी कानून मंत्रालय कुछ कर सकेगा।

पश्चिम ओडिशा के संबलपुर, बलंगीर और कालाहांडी जिले में हाईकोर्ट की बेच स्थापित करने के लिए वकील आंदोलनरत हैं। संबलपुर में तो बेंच की स्थापना की मांग को लेकर आंदोलन बीते 50 साल से किया जा रहा है। बलंगीर के वकीलों का दावा है कि बलंगीर में अंग्रेजी शासन के दौरान पटना स्टेट का हाईकोर्ट बलंगीर में ही था। कालाहांडी के वकील भी बेंच की मांग कर रहे हैं। दक्षिण ओडिशा में कोरापुट में हाईकोर्ट स्थापित करने की मांग की जा रही है।

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