तितली की तबाही से बचने को ओडिशा ने कमर कसी, स्कूल बंद

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भुवनेश्वर। समुद्री तूफान तितली की तबाही से ओडिशा को बचाने के लिए राहत आयुक्त के निर्देश पर आपदा प्रबंधन की सारी तैयारी पूरी कर ली गयी हैं। यह तूफान ओडिशा के तटवर्ती इलाकों को कल रात तक छुएगा। इसका असर सबसे पहले गंजाम जिले में होना बताया जाता है। तटवर्ती इलाकों में देर रात तक पहुंचने की उम्मीद है। ओडिशा में यह सबसे पहले गंजाम जिले के गोपालपुर समुद्र तट को छुएगा। तितली से निपटने के लिए मौसम विभाग की सूचना पर इन जिलो में अलर्ट जारी कर दिया गया है। राहत आयुक्त के आदेश पर आपदा प्रबंधन की तैयारी पूरी की जा चुकी है।

मुख्यसचिव एपी पाढ़ी ने बताया कि 11 और 12 अक्टूबर को चार जिलों के स्कूलों में छुट्टी रहेगी। ये जिले जगतसिहंपुर, गंजाम, गजपति और पुरी हैं। पाढ़ी ने बताया कि सारी तैयारी एहतियातन पूरी कर ली गयी हैं।

मौसम विभाग की सूचना के आधार पर शासन ने तटवर्ती जिलों पुरी, जगतसिंहपुर, गंजाम, गजपति, केंद्रपाड़ा में हाई अलर्ट जारी किया है। इसका नाम तितली दिया गया है। तितली ओडिशा और आंध्र पहुंचते पहुंचते विकराल रूप धर सकती है। इसके बाद भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी।

मौसम विभाग की माने तो 11 अक्टूबर की सुबह ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में भारी बारिश और तेज हवाओं का असर गैरतटीय क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग के क्षेत्रीय निदेशक एचआर विश्वास का कहना है कि तितली का तटवर्ती क्षेत्र में व्यापक असर पड़ सकता है। यह कम से कम दो दिन तक रहेगा।

मछुआरों से कहा गया है कि वह समुद्र में मछली मारने न जाएं। हालांकि इसकी गति 11 किमी.प्रति घंटा बहुत कम है। पर तटीय इलाकों में आते आते 85 से सौ किमी.प्रति घंटा हो सकती है। अब यह 510 किमी.दूर रह गया है। सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले क्षेत्र गजपति, गंजाम, पुर और जगतसिंहपुर हैं।

कंधमाल, बौद्ध और ढेंकानॉल में भारी बारिश की संभावनाएं व्यक्त की गयी हैं। राज्य सरकार ने जिलों को अलर्ट भेजा है। उपराहत आयुक्त प्रवात रंजन महापात्र का कहना है कि बचाव कार्य के लिए 300 मोटर बोट व अन्य सामग्री उन क्षेत्रों के लिए हैं जो निचली सतह पर हैं।

 

 

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