तबाही का सबब बन सकती है तितली, तटीय क्षेत्र में अलर्ट

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भुवनेश्वर। पूर्वी भारत के राज्य ओडिशा को तितली से खतरा उत्पन्न हो गया है। यह समुद्री चक्रवात का नाम है। इसके 48 घंटे के भीतर आने की संभावना है। गोपाल पुर समुद्र तट पर तितली के टकराते ही बारिश और तेज हवाएं चलने लगेंगी। इस चक्रवात का नाम तितली पाकिस्तान ने दिया गया है। ताजा खबर के अनुसार यह अभी गंजाम जिले के गोपालपुर तटवर्ती क्षेत्र से 720 किलोमीटर दूरी पर है। यह उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर से आ रहा है। इसके प्रभाव से मंगलवार शाम से तटवर्ती क्षेत्र में बारिश होने की संभावना है।

कटक, केंद्रपाड़ा, भद्रक, कंधमाल, बौद्ध समेत 11 जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जतायी है। पुरी, गंजाम, जगतसिंह पुर में भारी बारिश की संभावना है। इसी 10 व 11 अक्टूबर तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान 80 किलोमीटर की गति से हवाएं चल सकती हैं। इसके बाद चक्रवात का असर कम होने लगेगा। फिर 13 अक्टूबर के बाद प्रभाव कम हो जाएगा। यह जानकारी क्षेत्रीय मौसम विभाग ने दी। इस बीच समुद्र अशांत रहेगा। मछुआरों को भीतर न जाने को कहा गया है। तटीय क्षेत्रों से टकराने के बाद ओ़डिशा के लिए तितली चक्रवात खतरनाक बताया जाता है।

मौसम विभाग के अपर महानिदेशक डा.एम.महापात्र के मुताबिक यह चक्रवाती तूफान में परिवर्तित होते ही इसका नाम तितली हो जाएगा। चक्रवाती तूफान बनने के बाद यह बंगाल की खाड़ी के तटीय क्षेत्र ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर-पूर्वी राज्यों के साथ बांग्ला देश को भी हिट करेगा। इसके विषय में सही अनुमान लगा पाना मुश्किल है पर यह भीषण तूफान ओडिशा के तटवर्ती इलाकों से टकराएगा तो भारी बारिश होगी।

एक रिपोर्ट के अनुसार 2010 के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि पूर्वी और पश्चिमी समुद्र तट पर एक साथ अलर्ट जारी किया गया है। अरब सागर में लूबान चक्रवाती तूफान का असर जारी है और वहओमान की तरफ बड़ रहा है। दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में चक्रवात की चेतावनी मिल चुकी है। दोनों ही चक्रवाती तूफान बराबर की ताकत वाले बताए जाते हैं।

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