युद्ध को लेकर पाकिस्तान की गीदड़ भभकी के बीच भारत ने किया अस्त्र का सफल परीक्षण

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भुवनेश्वर/बालासोर (विप्र)। रक्षा विकास एंव अनुसंधान यानी डीआरडीओ ने एयर टू एयर लक्ष्य बर्बाद करने वाली अस्त्र मिसाइल का ओडिशा के समुद्री क्षेत्र में सफल परीक्षण किया। पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान के युद्ध संबंधी बयानों के दौर में यह परीक्षण अति महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस परीक्षण को सफल बनाने में फाइटर एयर क्राफ्ट सुखोई-30एमकेआई की भूमिका रही। सुखोई ने अस्त्र से लैस होकर पवन पुत्र के दिन मंगलवार को पश्चिम बंगाल के एक एयर बेस से उड़ान भरी थी।

स्वदेशी मिसाइल अस्त्र सितंबर 2018 में बनी। यह 70 किलोमीटर की दूरी तक सटीक निशाना साधकर लक्ष्य को बेध सकती है। डीआरडीओ द्वारा बनायी गई मिसाइल ने हवा में तैर रहे लक्ष्य का निशाना साध और मार गिराया। यह मिसाइल अपनी श्रेणी की हथियार प्रणाली में सर्वश्रेष्ठ बतायी जाती है। इसके अब तक कई परीक्षण किये जा चुके हैं। बताते हैं कि हवा से हवा में मार करने वाली भारत द्वारा विकसित यह पहली मिसाइल है। इसे मिराज 2000एच, मिग 29, सी हैरियर, मिग 21 और सुखोई एसयू-30 एमकेआई विमानों में लगाया जा सकता है।

अस्त्र का 9 से 12 मई को प्रक्षेपास्त्र का नियंत्रण और मार्ग दर्शन प्रणाली के बिना सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था। बाद में 25 मार्च 2007 को मिसाइल का पुनः परीक्षण किया गया था। फिर 13 सितंबर 2008 को जमीनी परीक्षण सफल रहा। 11 जनवरी 2010 को चांदीपुर (बालासोर) इसका परीक्षण सफल नहीं रहा। वजह इलेक्ट्रानिक प्रणाली में गड़बड़ी था। लेकिन 6 व 7 जून आधी रात को अस्त्र मिसाइल का परीक्षण सफल रहा। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक वैज्ञानिकों ने इसकी मारक क्षमता पर बताया कि इसकी अधिकतम सीमा 80 से 100 किमी. सीधा तथा 20 किमी. उल्टा पीछा करते हुए है। यह अलग-अलग उँचाई पर प्रक्षेपित की जा सकती है।  अस्त्र मिसाइल बीवीआर (बियाड विजुअल रेंज) हवा मारक क्षमता वाली 70 किमी.रेंज की मिसाइल है।यह किसी भी मौसम में उपयोग में लायी जा सकती है। इसे एक्टिव राडार टर्मिनल गाइडेंस से लैस किया गया है। इसे डीआरडीओ ने मिराज, मिग सिरीज, एलसीए तेजस, सुखोई में लैस किया जा सकता है। सुपर सोनिक गति से यह मिसाइल हवा में उड़ रहे किसी भी लक्ष्य को ध्वस्त कर सकती है।

इनसे बचकर कहां जाओगे

ब्रह्मोस : भारत और रूस द्वारा विकसित यह दुनिया की सबसे अच्छी क्रूज मिसाइल है। इसकी रेंज 290 किलोमीटर और गति 4.5 मैक है।  

आकाश : 700 किलोग्राम वजनी यह मिसाइल जमीन से हवा में मार कर सकने में सक्षम है। यह 25 किलोमीटर के रेंज में किसी भी उड़ती चीज को मार गिराने में सक्षम है।  

अग्नि-5 : यह इंटर-कॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल है। 5500 किलोमीटर मारक क्षमता वाली इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि समय आने पर इसकी रेंज का बढ़ाया जा सकता है। 

अग्नि-4 : यह काफी हल्की और नई तकनीकों से लैस मिसाइल है। यह 4000 किलोमीटर से अधिक दूरी तक जमीन से जमीन पर मार करने में सक्षम है। 

अग्नि-3 : एडवांस कम्प्यूटर और नेवीगेशन सिस्टम से लैस यह मिसाइल डेढ़ टन तक पेलोड ले जाने में सक्षम है। यह जमीन से जमीन पर 3500 किलोमीटर दूर वार कर सकती है।   

अग्नि-2 : अत्याधुनिक नेवीगेशन सिस्टम और तकनीक से लैस यह मिसाइल एक टन का पेलोड ले जाने के साथ ही दो हजार किलोमीटर तक मार कर सकती है।  

अग्नि-1 : इसे कम मारक क्षमता वाली मिसाइल के तौर पर विकसित किया गया है। यह 700 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है और भारतीय सेना में शामिल हो चुकी है। 

निर्भय : भारत की सबसोनिक क्रूज इस मिसाइल में ठोस रॉकेट मोटर बूस्टर के साथ टर्बोफैन इंजन लगा है। इसी वजह से इसकी रेंज 800 से 1000 किलोमीटर है। इसे हर मौसम में दागा जा सकता है।  

नाग : चार किलोमीटर रेंज के साथ 42 किलो के वजन वाली यह मिसाइल फायर और फारगेट के आधार पर काम करती है। इससे जमीन से जमीन और हवा से जमीन पर दागा जा सकता है।