कांग्रेस में निरंजन को सीएम का चेहरा कहने पर जेना भड़के

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भुवनेश्वर। कांग्रेस में ओडिशा के मुख्यमंत्री की कुरसी की दावेदारी को लेकर मतभेद उभरकर सामने आने लगे हैं। पार्टी के भीतर यह ताजा विवाद इस कहावत को चरितार्थ करता है कि सूत न कपास जुलाले में लट्ठमलट्ठा। दिनोदिन सिकुड़ती कांग्रेस में दमदारी से अस्तित्व का संघर्ष चल रहा है। मुख्यमंत्री की कुरसी पर कौन? यह विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। इसकी शुरुआत पार्टी के राज्य इकाई के वर्किंग प्रेसीडेंट चिरंजीवी बिसवाल के उस बयान से शुरू हुई जिसमें बिसवाल ने कहा था कि यदि ओडिशा में कांग्रेस की सरकार बनने की स्थिति आती है तो निरंजन पटनायक मुख्यमंत्री होंगे। पटनायक ओडिशा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं।

आजकल पार्टी कांग्रेस जनयात्रा का कार्यक्रम राज्य में चला रही है। बिसवाल के निरंजन पटनायक को मुख्यमंत्री बनाने के बयान के चलते कांग्रेस दो भागों में बंटी दिख रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीकांत जेना ने कहा कि चिरिंजीवी का यह निजी बयान हो सकता है। निरंजन का नाम उछालकर नाहक विवादों को तूल दिया जा रहा है। जेना का कहना है कि यदि सरकार बनाने की नौबत आती है तो मुख्यमंत्री की कुरसी पर अनुसूचित जाति या जनजाति का मुख्यमंत्री होगा। पार्टी को इस आधार को मजबूती से पकड़ कर चलना होगा।

उधर कांग्रेस में हालिया आंतरिक विवाद से ऊबे बालासोर के सिमौली विधान सभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे पूर्व विधायक पद्मलोचन पंडा ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्य स्तर पर आंतरिक गुटबाजी को इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि कुछ नेताओं के कारण पार्टी का ग्राफ गिर रहा है। सूत्र बताते हैं कि पंडा बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।