ओडिशा में बीजेडी बनाम बीजेडी, टिकट वितरण पर असंतोष

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भुवनेश्वर। टिकट के दावेदारों को हाशिए पर रखने के चलते दल में विद्रोह की सी स्थिति बनी है। बीजेडी प्रत्याशियों को उन्हीं की पार्टी से चुनौती मिल सकती है। बीजेडी में रहे बैजयंत जय पांडा, दामोदर राउत, बलभद्र माझी सरीखे दिग्गज बीजेडी छोड़कर बीजेपी में आने वाले कुछ नये साथियों के साथ बीजेडी को चुनौती देने को तैयार बैठे हैं। टिकट वितरण को लेकर बीजेडी में विद्रोह की स्थिति है। सुप्रीमो मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने नौ लोकसभा प्रत्याशियों की सूची में से 8 नये चेहरे दिए हैं। सिर्फ कलिकेश सिंहदेव बलंगीर को ही रिपीट किया है जबकि 54 विधानसभा सीटों में से 26 नये चेहरे दिए हैं। कुल 21 लोकसभा सदस्यों में से 20 तथा 147 विधानसभा सदस्यों में 117 बीजेडी जीती थी।

कंधमाल लोकसभा सीट से सांसद रहीं प्रत्यूषा राजेश्वरी ने मंगलवार को बीजेडी नेतृत्व को धमकी देते हुए कहा कि यदि उन्हें नयागढ़ विधानसभा सीट से उम्मीदवार नहीं बनाया जाता है तो वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप मे लड़ेंगी। राजेश्वरी की परफार्मेंस के कारण बीजेडी सुप्रीमो नवीन पटनायक ने कंधामल से उनका टिकट काटकर राज्यसभा सदस्य अच्चुत सामंत को टिकट दिया है। इस फैसले राजेश्वरी और उनके समर्थकों में रोष है। मंगलवार को बीजेडी के दो नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। इनके दावों को खारिज करते हुए पार्टी ने दूसरों को टिकट दे दिया।

सुंदरगढ़ स्पेशल डेवलेपमेंट काउंसिल की अध्यक्ष कुसुम टेटे ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। वह 2014 में कांग्रेस के जोगेश सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ी थी। बहुत मतों से हार गयीं थी। जोगेश ने कांग्रेस को छोड़कर बीजेडी का दामन थाम लिया है। कुसुम के दावे को खारिज करते हुए उन्हें सुंदरगढ़ विस सीट से प्रत्याशी बनाया गया। नाराजगी यही वजह बतायी जाती है। टेटे का कहना है कि 33 प्रतिशत आरक्षण का वादा करने वाले पटनायक पार्टीहित में अच्छा काम करने वालों की उपेक्षा कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह जल्द ही निर्णय लेकर चुनाव में उतरेंगी।

सूत्र बताते हैं कि कुसुम टेटे बीजेपी में जा सकती है। इसी तरह बीजेडी की कालाहांडी शाखा के महामंत्री प्रमोद पटनायक ने भी पार्टी छोड़ दी है। वह जूनागढ़ से टिकट के दावेदार थे। यहां पर पार्टी ने दिव्यशंकर मिश्रा को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। गजपति जिले परलखामुंडी में विद्रोह हो गया। यहां के पूर्व विधायक के.नारायनराव ने खुले तौर पर पार्टी के फैसले का विरोध किया। उनका कहना है कि 2014 का चुनाव वह कांग्रेस से दो हजार वोटों से हार गए थे। उनकी जगह कल्याणी गजपति को टिकट दिया गया। यहां पर पहले चरण में चुनाव होने हैं। काशीनगर ब्लाक चेयरमैन चित्रा सिमाद्री का कहना है कि कल के आए लोगों को बीजेडी टिकट दे रही है। उपेक्षा का यह दौर कभी नहीं रहा। उनका कहना है कि उनके साथ तीस हजार समर्थक भी बीजेपी छोड़ सकते हैं। कोरापुट के विधायक त्रिनाथ गमांग भी बागी हो गए हैं।