ओडिशा में टीडीपी प्रत्याशी उतारेगी, कांग्रेस से गठजोड़ संभव

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भुवनेश्वर। वर्ष 2019 में होने वाले चुनाव में ओडिशा में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए तेलगू देशम पार्टी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कुछ सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। ओडिशा के दक्षिण क्षेत्र में भारी संख्या में तेलगू आबादी है। कहने तो बाकी जिलों में कुछ न कुछ तेलगू आबादी रहती है पर दक्षिण ओडिशा के कोरापुट, मलकानगिरि, नवरंगपुर, रायगढ़ा, गंजाम, गजपति व कंधमाल में तेलगू लोग सालों से रहते हैं। ज्यादातर तेलगू लोग कारोबारी हैं। कुछ सीटों पर ये असर डाल सकते हैं। ओडिशा में 21 लोकसभा और 147 विधानसभा की सीटें हैं जिनमें लोकसभा में बीजेडी की 20 तथा विधानसभा में 118 सीटें हैं। बीजेपी की एक लोकसभा व 9 विधानसभा की सीटें हैं। सूत्र बताते हैं कि इस बाबत दोनों पार्टियों शीघ्र ही बातचीत की संभावना है। तेलंगाना की तरह ओडिशा में तेलगू देशम पार्टी व कांग्रेस से गठजोड़ की संभावना बतायी जा रही है।

तेलगू देशम पार्टी के राज्य प्रभारी राजेश पुतरा ने बताया कि उनकी पार्टी संजीदगी से ओडिशा में चुनाव लड़ेगी। राजनीतिक क्ष‍ॆत्रों में यह भी कहा जा रहा है कि तेलंगाना में कांग्रेस और तेलगू देशम के साथ गठजोड़ के बाद ओडिशा में बीजेडी और बीजेपी को रोकने के लिए यह गठजोड़ संभव है। प्रदेश अध्यक्ष निरंजन पटनायक कहते हैं कि दोनों दलों में आपसी समझ है। पर गठजोड़ पर अभी से कुछ कहना उचित न होगा।

पुतरा कहते हैं कि तेलगू देशम पार्टी ओडिशा विधानसभा की 52 सीटों व लोकसभा की 5 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने यह संकेत दिया है कि देरसबेर कांग्रेस से बातचीत हो सकती है। उनका दावा है कि ओडिशा के दक्षिण क्षेत्र में तेलगू देशम मजबूत है। पार्टी का सीमावर्ती जिलों में खासा असर है। उनका यह भी कहना है कि पार्टी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने स्पष्ट कहा है कि ओडिशा में उनकी पार्टी के प्रत्याशी लड़ाए जाएंगे। कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि तेलगू देशम और कांग्रेस का तेलंगाना में गठजोड़ है। ऐसे में यह उम्मीद की जा सकती है कि ओडिशा में कुछ सीटें कांग्रेस चंद्रबाबू की पार्टी के लिए छोड़ सकती है। खासकर वो सीटें जहां बीजेडी और बीजेपी का प्रभाव है।