धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला अभिजीत आज सरेंडर कर सकता है फरार

0
142

कोर्णाक (ओडिशा)/नई दिल्ली 5 अक्टूबर। ओडिशा के लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली टिप्पणी करने के आरोपी ब्लागर पत्रकार अभिजीत अय्यर मित्रा अब गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गए हैं। शुक्रवारको उन्हें कोर्णाक थाने में हाजिर होना था पर वह नहीं आए। थाने व आसपास  भारी संख्या में ओडिशावासी दिखायी दिए। पुलिस भी चौकन्ना थी। उनके सफदरजंग इनक्लेव के आसपास पुलिस सक्रिय रही। उधर पता चला है कि अभिजीत को शनिवार को कोर्णाक थाने में सरेंडर कराया जा सकता है। एक चैनल की रिपोर्ट के अनुसार जेल विभाग ने अभिजीत की जेल में सुरक्षा के लिए तीन सेक्शन फोर्स मांगी है। पुरी एसपी सार्थक षाड़ंगी ने बताया कि वह कोर्णाक थाने में शनिवार को सरेंडर कर सकता है।

ओडिशा जाने वाले रास्ते विशाखापत्तनम, कोलकाता, रायपुर में भी सादी वर्दी में पुलिस तैनात कर दी गयी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इन रास्तों से उसके ओडिशा आने की संभावना जतायी गई थी। हालांकि पुलिस के समक्ष समर्पण करने का उसके पास आज रात 12 बजे तक का समय है पर समझा जाता है कि वह शनिवार को दिल्ली की साकेत कोर्ट में सरेंडर कर सकता है। पता चला है कि उनके फरारी के दौरान वह अपने वकीलों के भी संपर्क से बाहर है। सुप्रीमकोर्ट के एक वकील उसकी पैरोकारी में लगे हैं।

अभिजीत ने कोर्णाक के सूर्य मंदिर में कामुक भंगिमा वाली प्रतिमाओं को लेकर टिप्पणी तो की ही थी साथ ही उसने ओडिशा विधानसभा के सदस्यों के लिए भी बुद्धू शब्द का इस्तेमाल किया था। वह पूर्व सांसद बैजयंत जय पंडा का मित्र है और वह एक महिला पत्रकार मित्र के साथ बैजयंत के निजी हेलीकाप्टर से ओडिशा के सैर सपाटे पर निकला था। कोर्णाक मंदिर और विधायकों पर टिप्पणी को लेकर हंगामा मचा है। पहले भी उसकी गिरफ्तारी की जा चुकी है। पर वह जमानत पर है। बीते दिन सुप्रीमकोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने उसकी याचिका पर कहा था कि यदि उन्हें जान का खतरा है तो जेल से सुरक्षित कोई स्थान नहीं है। अभिजीत की याचिका पर सुनवायी के दौरान चीफ जस्टिस ने यह टिप्पणी की थी। वह गिरफ्तारी से बचने को सुप्रीमकोर्ट की शरण गया था पर राहत नहीं मिली।

क्या है मामला

संभावना जतायी जा रही है कि अभिजीत साकेत कोर्ट में सरेंडर कर सकता है। अभिजीत 14 सितंबर को कोर्णाक के सूर्य मंदिर गए थे वहां उन्होंने एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिाय पर पोस्ट कर दिया। इसमें उन्होंने मंदिर में बनी कामुक भंगिमाओं वाली मूर्तियों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि ऐसी मूर्तियों वाली जगह कोई पवित्र स्थान हो सकता है? उन्होंने मंदिर में बनी मूर्तियों को अश्लील बताते हुए कहा था कि ये एक खास धर्म के लोगों की हिंदुओं के खिलाफ साजिश है। फिर अयोध्या में लोग जिस राम मंदिर को बनोकी बात करते हैं उसका जिक्र किया और कहा कि वहां ऐसी अश्लील मूर्तियां नहं होंगी। उनका यह वीडियो बहुत विवादित हुआ।

कोर्णाक का यह मामला विधानसभा में भी उठाया गया। वहां अभिजीत के वीडियो पर काफी नाराजगी जताई गई। विधानसभा ने अपने विशेषाधिकारों का प्रयोग करते हुए अभिजीत के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने को कहा। उनका कहना था कि अभिजीत ने मंदिर के बारे जो कहा, वो गलत और गैरजिम्मेदाराना था। उनका इरादा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का था। इसकी वजह से सांप्रदायिक टकराव के हालात बन सकते हैं। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए और 295 ए का मामला दर्ज हुआ। 20 सितंबर को ओडिशा पुलिस ने अभिजीत को गिरफ्तार कर लिया। पर गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही उसे दिल्ली की निचली अदालत (साकेत कोर्ट) से जमानत मिल गयी। कोर्ट ने उनसे कहा कि वह जांच में सहयोग करें। अभिजीत सहयोग के बजाय यह कहा कि उनकी जान को खतरा है। इससे उनकी जमानत खारिज होने की संभावना उत्पन्न हुई। हुआ भी यही। इसी से बचने को वह सुप्रीमकोर्ट पहुंचे थे। यदि अभिजीत पर लगे आरोप साबित होते हैं तो उन्हें जेल भी हो सकती है। फोन पर संपर्क करने पर अभिजीत ने मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया।