वैज्ञानिकों ने ओडिशा के भद्रक में एचएसटीडीवी का टेस्ट फायर करके सफल परीक्षण किया

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भद्रक। हाइपरसोनिक टेक्नोलॉजी डिफेंस व्हीकल यानी एचएसटीडीवी का यहां भद्रक में सफल परीक्षण किया गया। एचएसटीडीवी को अब्दुल कलाम द्वीप के लांच पैड नंबर चार से 11.22 बजे दागा गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास सगठन द्वारा विकसित एचएसटीडीवी को 32.5 किलोमीटर यानी 20 मील की ऊंचाई तक 20 सेकेंड मे गया। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रक्षा वैज्ञानिकों को एचएसटीडीवी के टेस्ट फायर की सफलता के लिए बधाई दी।

बताते हैं कि इस व्हीकल में स्क्रैमजेट इंजन है जिसकी वजह से यह मैक 6 की स्पीड से अपना टारगेड बेध सकती है। इस व्हीकल की सहायता से कम कीमत पर सैटेलाइट लांच किए जा सकते हैं। इसके साथ ही साथ इसका प्रयोग लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल की लांचिंग के लिए भी किया जा सकता है। परीक्षण रक्षा अनुसंधान एवं संगठन के सीनियर वैज्ञानिकों के समक्ष किया गया। एचएसटीडीवी एक स्क्रैमजेट डेमांस्ट्रेशन एयरक्राफ्ट है। सूत्रों से पता चला कि पहली बार इस नयी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है जो डाटा रेडार से मिला है। उससे साफ है कि टेस्ट पूरी तरह से कामयाब रहा। इस कार्यक्रम के तहत बीस सेकेंड तक स्क्रैमजेट टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन किया गया। इसी के साथ भारत इस ताकत से लैस देशों की सूची में शामिल हो गया।