आश्रय गृहों को बीजेपी ने मुद्दा बनाया, प्रदर्शन जल्द

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भुवनेश्वर। बिहार के मुजफ्फरपुर की तर्ज पर ओडिशा के ढेंकानाल में भी बालिका आश्रयगृह में यौन उत्पीड़न का मुद्दा राज्य सरकार के खिलाफ राजनीतिक मुद्दा बनने की तरफ बढ़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा ने राज्य के सभी 30 जिलों में आश्रय गृहों में अनियमितताओं के विरोध में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का निर्णय लिया है।

ढेंकानाल के बेलटिकरी में गुड न्यूज ऑफ इंडिया संस्था द्वारा संचालित आश्रय स्थल को सील कर दिया और संचालक समेत तीन लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। यही नहीं सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में संचालित आश्रय गृहों की जांच के आदेश भी कर दिए हैं। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष प्रवाती परीडा का कहना है कि सत्ता सूरमाओ की शह पर संचालित आश्रय गृह भ्रष्टाचार के अड्डे बन गए हैं। उनका आरोप है कि ढेंकनाल का आश्रयगृह बीजेडी के प्रमुख प्रवक्ता सस्मित पात्रा के संरक्षण में चलता था। एक जानकारी के अनुसार ओडिशा में 26 आश्रयगृह चलाए जा रहे हैं।

ओडिशा के एक मीडिया में आश्रयगृह में नाबालिगों के शोषण की न्यूज आने के दो दिन बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी अनुराधा गोस्वामी और बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने आश्रय गृह में छापामारी की कार्रवाई की। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने बेल्टिकिरी का आश्रयगृह बंद करा दिया। यहां की नाबालिग लड़कियों का आरोप है कि उनका मानसिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा था। हालांकि निजी संस्था द्वारा संचालित इस आश्रयगृह संचालकों का कहना है कि कड़ा अनुशासन ही इस मुसीबत का कारण बना। ओडिशा सरकार के महिला और बालविकास मंत्री प्रफुल्ल सामल का कहना है कि ऐसे अवैध और अनियंत्रित आश्रयगृह बंद करने के आदेश दिए जा चुके हैं।

उनके बयान के बाद केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का कहना है कि गैर रजिस्टर्ड आश्रय गृह के अवैध कामकाज को रोकने में सरकार विफल रही है। इसके लिए प्रफुल्ल सामल को इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता श्रीकांत जेना ने कहा कि यह बीजेडी सरकार की असफलता है। उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा के आश्रयगृहों में यौन उत्पीड़न की घटनाएं प्रकाश में आईं तो केंद्र सरकार ने सभी राज्यों में जांच के आदेश दिए थे।

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